Shree Hanuman Aarti Lyrics: मंगलवार के दिन करें हनुमान जी की आरती, पूरी होगी हर इच्छा

Shree Hanuman Aarti Lyrics: सनातन धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूजा का समापन आरती और मंत्र जाप के बाद माना जाता है। आरती का अर्थ होता है पूरी श्रद्धा के साथ ईश्वर की भक्ति में डूब जाना। वैसे तो हर दिन किसी न किसी देवता को समर्पित माना जाता है लेकिन कहते हैं अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर है तो उसे हनुमान जी की आरती करनी चाहिए। 

श्री हनुमान जी की आरती (Hanuman Aarti) करने के लाभ

  • हनुमान जी की नियमित आरती करने से घर से नाकरात्मकता दूर होती है।
  • हनुमान जी की आरती कर अपने सभी भयों से मुक्ति पा सकते हैं।
  • हनुमान जी की नित्य आरती करने से मानसिक चिंताओं से मुक्ति मिलती है।
  • हनुमान जी की आरती करने से तामसिक प्रवृतियों का अंत होता है।

हनुमान जी की आरती (Hanuman Aarti) की विधि

  • हनुमान जी की आरती करने के लिए हमेशा तांबें या पीतल की थाली इस्तेमाल में लाएं। 
  • आरती करने के लिए आटे से बने दीये का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • हनुमान जी की आरती के लिए एक या पांच दीयों का प्रयोग करें। 
  • दीये में इस्तेमाल की जाने वाले बाती की संख्या या तो एक हो, या पांच या फिर सात होनी चाहिए।
  • अब हनुमान जी को आरती का थाल दिखाते हुए उनकी आरती कहें।
  • आरती के समय परिवार के सभी सदस्यों उपस्थित रहें। 
  • आरती के दौरान शंख और घंटी का प्रयोग अहम है।
  • हनुमान जी की आरती हमेशा सुबह या शाम के समय ही करें।

Hanuman ji ki Aarti lyrics in Hindi:

हनुमान जी की आरती (Hanuman Aarti)

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।
अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुधि लाए।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।आनि संजीवन प्राण उबारे।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

पैठी पाताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखारे।
बाएं भुजा असुरदल मारे। दाहिने भुजा संत जन तारे।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

सुर-नर-मुनि जन आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।
जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

Shree Hanuman Aarti Lyrics in English

!! Aarti kije Hanuman lala ki,
Dusht dalan Raghunath kala ki !!


!! Jake bal se girivar kape,
Rog dhosh jake nikat na jhape!!


!! Anjaniputra mahabaldai,
santan ke prabhu sada sahai !!


!! De bira Raghunath pathae,
Lanka jare Siya sudhi laye !!


!! Lanka so kot samudar si khai,
Jaat Pavan sut bar na layi !!


!! Lanka jare asur sahare,
Siyaram ke kaj svare !!


!! Lakshman murchit pade sakare,
Ani sanjivan praan ubare !!


!! Path patal tori jam kare,
Ahiravan ki bhuja ukhare !!


!! Baye bhuja se asur dal mare,
Dahini bhuja santjan tare !!


!! Sur nar muni aarti utare,
Jai jai jai Hanuman uchare !!


!! Kanchan thar kapur lo chaai,
Aarti karat Anjana mai !!


!! Jo Hanuman jiki aarti gave,
Wohi baikunth parm pad pave !!

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